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सिंगरौली के धिरौली कोल प्रोजेक्ट को लेकर आज कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन करते हुए जंगल, ज़मीन और आदिवासी अधिकारों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। अदानी के धिरौली कोल प्रोजेक्ट के लिए लगभग 6 लाख पेड़ों की कटाई, आदिवासी‑वनाधिकार और पेसा क्षेत्र से गाँवों को बाहर करने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कांवरे, झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम और पूर्व नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन सहित कई वरिष्ठ नेता आज वासी–वेरदह पहुँचे। उनका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों की समस्याएँ सुनना और कथित पेड़ कटाई की वास्तविक स्थिति का मौके पर निरीक्षण करना था।
लेकिन मौके पर पहुँचते ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कांग्रेस नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। धारा 144 और भारी पुलिस तैनाती के बीच प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की बात सुने बिना ही काफिले को रोक दिया गया, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने गेट पर ही धरना‑प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन कंपनी के दबाव में काम कर रहा है और जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर पेड़ों की कटाई, जबरन सहमति और स्थानीय ग्रामीणों की अनदेखी नहीं रोकी गई, तो संघर्ष गाँव से विधानसभा और सड़क से संसद तक और तेज किया जाएगा।

