नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में यह बात कही है कि भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) का एक प्रमुख विकास इंजन (Growth Engine) बन रहा है।
आत्मविश्वास और गुलामी की मानसिकता: प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश ‘गुलामी की मानसिकता’ से मुक्ति पाने के लिए काम कर रहा है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक बड़ी बाधा थी।
गवर्नेंस में बदलाव: उन्होंने बताया कि सरकारी सिस्टम का अपने नागरिकों पर लंबे समय तक रहा अविश्वास अब खत्म हो रहा है। उन्होंने सरकारी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ (जीवन जीने की सुगमता) पर ज़ोर दिया।
भारत का मजबूत होना: पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बीच भी, भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है और दुनिया की प्रमुख शक्तियाँ अब भारत को एक बड़ी शक्ति के रूप में देख रही हैं।
